Motherboard कंप्यूटर का मुख्य सर्किट बोर्ड होता है, जिसे Printed Circuit Board (PCB) कहते हैं। मदरबोर्ड कंप्यूटर के विभिन्न हिस्सों को एक साथ जोड़ता है। यह हमारे कंप्यूटर से जुड़े हुए सभी तरह के डिवाइसेज और कंपोनेंट्स को कण्ट्रोल करने का कार्य करता है।

आपने कभी सोचा जरूर होगा कि आखिर हमारे कंप्यूटर में लगे सभी Parts किस चीज से जुड़े रहते हैं। या कभी आपने Computer Repair होने के दौरान देखा होगा कि वह सभी पार्ट्स एक बोर्ड द्वारा कनेक्ट रहते हैं।
क्योंकि आपने देखा होगा कि वर्तमान समय में अधिक से अधिक लोग Computer Shiksha को सीखना चहाते हैं। इसलिए उन्हें कंप्यूटर से जुड़े हर उपकरण के बारे अवश्य मालूम होना चाहिए।
मदरबोर्ड के अन्य नाम
मदरबोर्ड हमारे कंप्यूटर में मुख्य भूमिका निभाता है। चूँकि कंप्यूटर के लिए मदरबोर्ड एक प्रमुख घटक (Major Component) है। जिसको हम निम्नलिखित नामों से भी जानते हैं।
1. Main Board
2. System Board
3. Main Circuit Board
4. Base Board
वैसे तो मदरबोर्ड कंप्यूटर के अलावा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मदरबोर्ड का उपयोग होता है।
उदाहरण के तौर पर देखा जाये तो Mobile Phone के अंदर मदरबोर्ड, परन्तु यहां हम इन मदरबोर्ड को Logic Board के नाम से जानते हैं
कंप्यूटर मदरबोर्ड से जुड़े कुछ Important Equipment इस प्रकार हैं
1. Central Processing Unit (CPU)
2. Random Access Memory (RAM)
3. Hard Disc Drive (HDD)
Input / Output Devices (Keyboard, Mouse, Monitor, USB Device) आदि को जोड़ने के लिए Motherboard Connectors उपलब्ध हैं।
Note – यहां हम स्पष्ट कर दें कि कंप्यूटर में Power Supply से लेकर अन्य Hardware Components के बीच communication करवाने का सभी कार्य मदरबोर्ड के द्वारा ही होता है, अअर्थात मदर बोर्ड के सभी पार्ट्स को किसी न किसी रूप से मदर बोर्ड से जोड़ा जा सकता है।
मदरबोर्ड का इतिहास। History of Motherboard
अब हम जानेंगे कि कंप्यूटर मदरबोर्ड का क्या इतिहास है? – अगर मदरबोर्ड के इतिहास के बारे में बात करें तो Motherboard को 1981 के दशक के शुरुआत में IBM (International Business Machines) कंपनी द्वारा बनाया था। इस पहले मदरबोर्ड को प्लानर(Planar) कहां जाता था। जो सबसे पहले IBM Personal Computer में इस्तमाल किया गया था।
IBM कंपनी द्वारा अगस्त 1984 में मदरबोर्ड फॉर्म फैक्टर AT Motherboard पेश किये गए। लोग इन AT Motherboard को Full AT के नाम से भी जानेने लगे और इसके साथ ही इनकी Popularity काफी लम्बे समय तक रही।
परन्तु इसके बाद IBM ने 1985 में Baby AT मदरबोर्ड फॉर्म फैक्टर पेश किया और इन मदरबोर्ड ने मार्केट में एक नयी पहचान बना ली। कुछ समय बाद Intel द्वारा July 1995 में ATX (Advanced Technology eXtended) Motherboard का पहला संस्करण जारी किया गया।
पुनः Intel कंपनी ने August 1997 में AGP (Accelerated Graphics Port) सपोर्ट वाला पहला मदरबोर्ड प्रस्तुत किया और उसी वर्ष Intel द्वारा December 1997 में microATX मदरबोर्ड को पेश किया।
इसके बाद से ही ATX को AT Form Factor के स्थान पर इस्तमाल किया जाने लगा। देखते ही देखते इन मदरबोर्ड का साइज़ और कार्य क्षमता में काफ़ी बदलाव हुए। जिनके बारे में हम आगे जानेंगे।
Types of Motherboard in Hindi | मदरबोर्ड के प्रकार
आज के दौर की बात करें तो Technology के इस विकास ने कंप्यूटर की रुपरेखा को काफ़ी हद तक प्रभावित किया है। इसी के चलते आजकल कंप्यूटरो में लगे मदरबोर्ड के कई प्रकार बन चुके हैं। इस आधार पर कंप्यूटर मदरबोर्ड की कार्य क्षमता व आकार में भी कई बदलाव देखने को मिलते हैं। चलिए आपको उनके बारे में विस्तार से बतलातें हैं।
1. Standard ATX (मानक एटीएक्स)
2. Micro ATX (माइक्रो एटीएक्स)
3. eXtended ATX (एक्सटेंडेंड एटीएक्स)
Standard ATX (मानक एटीएक्स)
मानक एटीएक्स (Standard ATX) मदरबोर्ड की शुरुआत Intel द्वारा 1995 से की गयी थी। यह मदरबोर्ड AT फ़ैमिली के मदरबोर्ड से बहुत अलग हुआ करता है। Standard ATX Motherboard 305*244 mm आयामों में आते हैं।
लेकिन यह आयाम निर्माता के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकते हैं और यह मदरबोर्ड पुराने मदरबोर्डकी तुलना में काफ़ी हद तक छोटे हैं। इस प्रकार के मदरबोर्ड में Advance Control जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। क्योंकि यह ATX (Advanced Technology eXtended) Motherboard फैक्टर पर आधारित है।
इनमें अलग-अलग add-ons के लिए Extra Slot दिये गए हैं। Standard ATX मदरबोर्ड में Keyboard Connector जोड़ा गया है। इन मदरबोर्ड में BIOS (Basic Input Output System) Program की मदद से Power Management किया जाने लगा।
रैम के लिए चार स्लॉट तक, दो ग्राफ़िक कार्ड के लिए, दो या दो से अधिक PCI स्लॉट, कनेक्टिविटी के लिए अधिक यूएसबी और भी अन्य पोर्ट उपलब्ध हैं। आप इसे Gaming के लिए भी Upgrade कर सकते हो। यह मदरबोर्ड Mixing के लिहाज से भी कहीं हद तक अच्छा है।
Micro ATX (माइक्रो एटीएक्स)
यह माइक्रो एटीएक्स (Micro ATX) मदरबोर्ड Intel द्वारा 1997 में Small Form Factor के तौर पर लॉन्च किया था। Micro ATX मदरबोर्ड 244*244 mm के आयामों (Dimensions) में उपलब्ध हैं (लेकिन यह आयाम निर्माता के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकते हैं।)
Micro ATX Motherboard में Standard ATX Motherboard की तुलना में कम पोर्ट और स्लॉट हैं। यह मदरबोर्ड उन लोगों के लिए अच्छा है जो ज्यादा कनेक्टिविटी
नहीं चाहते। परन्तु बाद में Upgrade जैसे अधिक रैम, अधिक जीपीयू या ग्राफिक्स कार्ड और पीसीआई कार्ड जोड़ना चाहते हैं।
eXtended ATX (एक्सटेंडेंड एटीएक्स)
यह एक्सटेंडेंड एटीएक्स (eXtended ATX) मदरबोर्ड 344*330 mm आयाम के होते हैं (लेकिन यह आयाम निर्माता के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकते हैं।) eXtended ATX Motherboard डुअल सीपीयू एवं सिंगल कॉन्फ़िगरेशन दोनों के लिए डिज़ाइन किया जाता है।
इसके साथ ही इन मदरबोर्ड में 8 रैम स्लॉट तक, 5 से 7 PCI Slot तक, 4 से 10 यूएसबी (Universal Serial Bus) भी मिलते हैं। eXtended ATX Motherboard का उपयोग वर्कस्टेशन एवं सर्वर कंप्यूटरो के लिए किया जाता है। लेकिन कुछ EATX मदरबोर्ड डेस्कटॉप कंप्यूटिंग के लिए भी डिज़ाइन किये गये हैं।
मदरबोर्ड के मुख्य पार्ट्स | Main Parts of Motherboard
कंप्यूटर के सभी पार्ट्स को एक साथ Connect करने के लिए मदरबोर्ड की आवश्यकता होती है। अर्थात हम यह भी कह सकते हैं कि कंप्यूटर में सभी Parts को एक साथ जोड़ने का कार्य मदरबोर्ड के द्वारा होता है और यह कंप्यूटर में मदरबोर्ड एक प्रकार से प्लेटफॉर्म की तरह कार्य करता है।

मदरबोर्ड से जुड़ने वाले कुछ मुख्य पार्ट्स निम्न प्रकार हैं –
1. CPU Socket
2. RAM Slot
3. Northbridge
4. Southbridge
5. Input / Output Ports
6. Power Connector
7. Expansion Card Slots
8. IDE Connector / SATA Connector
9. CMOS Battery
10. Heat Sink
CPU Socket
मदरबोर्ड पर सीपीयू को लगाने के लिए एक विशेष प्रकार का सॉकेट होता है। जिसे हम सीपीयू सॉकेट के नाम से जानते हैं। यह सॉकेट इस लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि मदरबोर्ड के इस सीपीयू सॉकेट में Computer Brain (Brain of Computer) को लगाया जाता है।
सीपीयू का दूसरा नाम प्रोसेसर (Processor) भी है। अर्थात इसे प्रोसेसर भी कहा जाता है। प्रोसेसर का कार्य User द्वारा Input Data को प्रोसेसिंग करने के बाद Output में Data Transfer करना होता है।
RAM Slot
कंप्यूटर मदरबोर्ड पर बने वह Slots जहां कंप्यूटर रैम को लगाया जाता है। अतः इन Slots को हम RAM Slot कहते हैं।
रैम एक प्रकार की Temporary Memory होती है। जिसका कार्य कंप्यूटर की Performance और डाटा को Recently Store करने का होता है।
Northbridge
यह नॉर्थ ब्रिज एक प्रकार की Microchip है। जिसको हम Host bridge के नाम से भी जानते हैं। जो सीधे तौर पर हमारे सीपीयू से जुड़ी रहती है।
इस नॉर्थ ब्रिज Chipset का कार्य RAM, Hard Disk Drive (HDD) और PCI जैसे उपकरणों को मैनेज करना है। अगर मदरबोर्ड पर इसे देखें तो यह Heat Sink के नीचे लगी होती है।
Southbridge
साउथब्रिज Chip को IC Chip भी कहां जाता है। यह साउथब्रिज चिप, नॉर्थ ब्रिज से Connect होती है। इस साउथब्रिज चिप का कार्य सभी इनपुट / आउटपुट Functions को कंट्रोल करना है।
Input / Output Ports
मदरबोर्ड पर उपस्थित I/O Parts द्वारा इनपुट /आउटपुट उपकरणों को कंप्यूटर से Connect करने का कार्य करता है। इसमें Keyboard, Mouse, Microphone, Speaker, Monitor, USB Devices आदि को जोड़ने वाले Ports शामिल हैं।
Power Connector
मदरबोर्ड को पावर सप्लाई देने के लिए इस Power Connector का इस्तमाल किया जाता है। यह Power Connector नए मदरबोर्ड में 24 Pin तथा पुराने मदरबोर्ड के लिए 20 Pin के साथ आता है। मदरबोर्ड पर बने Power Connector को SMPS (Switch Mode Power Supply) द्वारा Connect किया जाता है। यहां से ही हमारे कंप्यूटर मदरबोर्ड को Power Supply दि जाती है।
Expansion Card Slots
मदरबोर्ड पर लगे Slots आपको Extra Card लगाने की सुविधा देते हैं। जब आपको अपना कंप्यूटर Upgrade करना होता है, जब इन Slots की आवश्यकता पड़ती है। इन Slots में PCI Card, AGP (Accelerated Graphics Port) Card लगते हैं। Expansion Card Slots की मदद से आप Extra Network Card, Graphics Card, Sound Card आदि लगा सकते हैं।
IDE Connector / SATA Connector
यह IDE Connector / SATA Connector आपको मदरबोर्ड पर Hard Disk Drive और Optical Disk Drive को लगाने की सुविधा प्रदान करते हैं। IDE Connector हमें पुराने मदरबोर्ड में देखने को मिलते हैं। लेकिन वर्तमान समय में यह नए मदरबोर्ड पर IDE Connector की जगह SATA Connector उपलब्ध हैं।
CMOS Battery
मदरबोर्ड पर एक CMOS (Complementary Metal Oxide Semiconductor) बैटरी लगी होती है। CMOS का कार्य हमारे कंप्यूटर के Date / Time और Hardware Setting की Information को स्टोर रखने में मदद करता है।
Heat Sink
मदरबोर्ड पर लगी Heat Sink, Metal की बनी होती है। जिसका कार्य मदरबोर्ड के गर्म होने पर उसके Temperature को Absorb करना है। ताकि मदरबोर्ड पर गर्म पार्ट्स और अधिक गर्म न हो पाये और हमारा मदरबोर्ड सही से कार्य करे। यह Heat Sink मदरबोर्ड पर बने Northbridge के ऊपर लगा होता है।
मदरबोर्ड के कार्य | Functions of Motherboard
1. Componets Hub
अधिकतर मदरबोर्ड को कंप्यूटर का Backbone भी कहा जाता है। क्योंकि कंप्यूटर के सभी Parts जैसे – CPU, Hard Disk Drive और RAM आदि को मदरबोर्ड पर Install करते हैं। या यूँ कहे कि मदरबोर्ड हमारे Computer Hardware के लिए एक प्लेटफॉर्म का कार्य करता है।
2. External Peripherals के लिए Slots
अन्य Device को लगाने के लिए मदरबोर्ड पर Expansion Slots बने होते हैं। जिसकी सहायता से आप Network Card, Sound Card और Lan Card आदि को Install कर सकते हैं।
3. Power Supply Distribution करना
कंप्यूटर में लगे अन्य Components को सप्लाई देने का कार्य मदरबोर्ड के द्वारा ही होता है। जिसको मुख्य पॉवर सप्लाई से SMPS द्वारा मदरबोर्ड को दि जाती है। जब मदरबोर्ड सभी Components को पॉवर देता है।
4. Data Flow का नियंत्रण
मदरबोर्ड से जुड़े सभी Components के लिए यह एक Communication Hub के रूप में कार्य करता है। जिसका कार्य मदरबोर्ड Data के Traffic को मैनेज करना होता है।
5. BIOS
यह BIOS Program को Hold करता है, जो मदरबोर्ड पर ROM (Read Only Memory) Chip में Install रहता है। इसमें हमारे कंप्यूटर हार्डवेयर की सारी Information स्टोर होती है। यह BIOS, हमारे कंप्यूटर की Booting Process के लिए अतिआवयश्यक है।
मदरबोर्ड का चयन कैसे करें। How to Choose Motherboard
हम जब भी अपने लिए Computer खरीदने जाते हैं। हम उससे सम्बंधित Configuration को Check करते हैं कि वह हमारे कार्य के अनुसार ठीक है कि नहीं या कभी हम अपने लिए Computer Assemble करते हैं। तब हमें Motherboard को Select करना होता है। मदरबोर्ड के साथ बाक़ी के सभी Parts भी अच्छी Speed के होने चाहिए और मदरबोर्ड से मिलने वाली सुविधाएं भी बेहतर होनी चाहिए।
आपको मदरबोर्ड का चयन करने के दौरान इन मुख्य बातों को ध्यान में रखना है।
1. Processor
2. Memory
3. Bus
4. Expansion Slots और connectors
5. Form Factor
Processor
आपको मदरबोर्ड के लिए CPU या Processor को select करना बहुत जरुरी है। क्योंकि वहां आपको देखना होगा कि आपके मदरबोर्ड पर कौन सा Processor लग पायेगा।
अर्थात अलग-अलग मदरबोर्ड पर अलग-अलग Pin वाले Processor लगाए जाते हैं। यह आपको Motherboard Model Number से पता करना होगा, कि कौन सा Processor मदरबोर्ड के लिए सही रहेगा।
Memory
हर कोई User अपने Computer में अच्छी RAM चहाता है। जिस कारण Computer की Performance भी अच्छी होती है। आपको ऐसे Motherboard का चयन करना चाहिए, जिसमें एक से अधिक RAM लग पाएं। ताकि भविष्य में आपको Computer System Upgrade करने में कोई दिक्कत ना आ पाए।
Bus
कंप्यूटर में Bus का अर्थ रास्ता होता है। जोकि सर्किट में Component को दूसरे Component से जोड़ता है। Motherboard Bus Speed को MegaHertz(MHz) में मापा जाता है। Motherboard में Bus Speed जितनी अच्छी होगी उसमें Data Transfer की Speed भी उतनी अच्छी होगी।
Expansion Slots और connectors
आपको ऐसे मदरबोर्ड का चयन करना चाहिए जिसमें आपको अधिक से अधिक Slots और Connectors मिल पाए। ताकि आपको भविष्य में Extra Card (PCI, AGP Slots) लगाने में दिक्कत ना आ पाए।
Form Factor
जिस Layout में मदरबोर्ड को डिज़ाइन किया जाता है उसी Layout को Form Factor बोला जाता है। इन्हीं Form Factor के हिसाब से Components को Place किया जाता है। अगर देखा जाये तो Form Factor के कई standard हैं। परन्तु मदरबोर्ड बनाने वाली कंपनी Form Factor को User के Requirement के आधार पर उपयोग करती हैं।
मदरबोर्ड बनाने वाली कंपनीयों के नाम | Motherboard Manufacturers List
हम यहां आपको मदरबोर्ड बनाने वाली कंपनीयों के बारे में एक लिस्ट के माध्यम से बताने वाले हैं। जो कि कुछ इस प्रकार है।
1. Intel
2. Asus
3. AMD
4. Gigabyte
5. Acer
6. MSI
7. Biostar
