C++ क्या है ? | What is C++ in Hindi

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C++ एक Object Oriented और High Level प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। C++ एक बहुत ही पावर फुल और efficient programming language है। C++ में Program और Applications को बड़ी ही आसानी से बनाया जा सकता है। C++ लैंग्वेज को C लैंग्वेज का superset माना जाता है। क्योंकि C++ के अंदर, C लैंग्वेज के फीचर्स के साथ-साथ कुछ एडिशनल फीचर्स भी दिए गए हैं।

C++ Language Kya Hai
C++ Language Kya Hai

C++ लैंग्वेज एक बहुत बड़ी Standard Libraries Functions के साथ आती है जो कि C लैंग्वेज की तुलना में काफी बड़ा फीचर है। इसी कारण से C++ लैंग्वेज सरल होने के साथ-साथ बहुत सुविधा जनक भी है। C++ लैंग्वेज का उपयोग मुख्य रूप से 3D Graphics और GUI प्लेटफार्म में किया जाता है।

देखा जाए तो ++ काफी पुरानी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। यही कारण है कि जब IT Companies में इंटरव्यू लेते समय Technical Round में काफी प्रश्न C++ या C Language से ही पूछे जाते हैं। इसके साथ ही इंटरव्यू में C और C++ के example लिखने को भी बोला जाता है।

वैसे तो वर्तमान समय में बहुत सी प्रायग्रम्मिंग लैंग्वेज मौजूद हैं जैसे – Java, C#, PHP, Python आदि। लेकिन C और C++ को एक तरह से प्रोग्रामिंग का आधार माना जाता है। इसीलिए प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सिखाने वाले जानकारों के अनुसार C और C++ सबसे ज्यादा सिकने की सलाह दी जाती है।

C++ एक हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज होने की वजह से System Software और Application Software बनाना बड़ा ही आसान होता है।

C++ का इतिहास | History of C++ in Hindi

  • C++ का पहला version “Sea With Classes” के नाम से 1979 में Bjarne Stroustrup के द्वारा लॉंच किया गया था। इसके बाद 1983 में इसका नाम बदल कर C++ कर दिया गया।
  • पहली Stream Input/output Library को 1984 में Stroustrup के द्वारा लागू किया गया था। C++ का पहला version 1985 में जारी किया गया था।
  • C++ 2.0 को वर्ष 1989 में जारी किया गया था। अब इसके बाद C++ programming का दूसरा updated version 1991 में जारी हुआ।
  • इसमें हमें कुछ नए फीचर देखने को मिले जैसे – Abstract Classes, Const Member Functions, Multiple Inheritance, Static Member Functions और Protect Members आदि।
  • 2.0 के बाद के editions में कुछ और फीचर जोड़े गए, जैसे – Boolean Type, Exceptions, Namespaces, New Casts और Templates आदि। C++ 98 को वर्ष 1998 में जारी किया गया।
  • C++ का एक छोटा अपडेट C++ 03 को 2003 में दिया गया। C++ 98 के बाद में इस पर कार्य करना बहुत ही धीमा कर दिया गया।
  • इसके बाद सीधे C++11 को 2011 में कुछ नए फीचर जोड़े गए। C++ 11 में Standard Library को और भी ज्यादा बड़ा किया गया। देखा जाए तो यह Programmers के लिए काफी बेहतर साबित हुआ।
  • कुछ समय बाद C++ 14 को एक छोटे से अपडेट के साथ Dec 2014 को जारी किया गया। इसके बाद C++ 17 में कई सारे नए फीचर्स को जोड़ा गया। 4 Sep 2020 को इसका लास्ट अपडेट C++ 20 जारी किया गया था।

C++ लैंग्वेज की विशेषताएँ | Feature of C++ Language in Hindi

C++ Lanugage ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड होने के साथ-साथ एक हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। इसे शुरूआती दौर की सरल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज माना जाता था। इसके अलावा भी इसकी कई अन्य विशेषताएँ हैं जैसे –

  • High Level Programming Lanugage
  • OOP (Object Oriented Programming)
  • Easy to Learn
  • Case Sensitive Language
  • Independent एंड Portable Language
  • Compiler Based Language
  • Fast Speed
  • Rich Library
  • Simple

High Level Programming Language

C++ को High Level Programming Language बोला जाता है। हाई लेवल होने के कारण इसमें बड़े से बड़े Software या Application आसानी से बनाए जा सकते हैं।

OOP (Object Oriented Programming)

C++ को Object Oriented होना एक सबसे ख़ास फीचर बताया जाता है। प्रोग्रामर इसमें Objects का इस्तेमाल करके प्रोग्रामिंग कर सकते हैं। यह Data Encapsulation और Object Data Abstraction को इस्तेमाल करने के काम में लिया जता है।

Easy to Learn

हम जब भी किसी नई प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सीखते हैं तो उसे सीखने में बहुत कठिनाई होती है। इसके साथ ही नई प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सीखने में समय भी लगता है। लेकिन अगर आप C++ सीखना चाहते हैं तो आपको C लैंग्वेज की जानकारी होना बहुत ही आवश्यक होता है। क्योंकि C लैंग्वेज सीखने के बाद C++ को सीखना बहुत ही आसान होता है।

Case Sensitive Language

C++ को एक संवेदनशील प्रोग्रामिंग भाषा माना जाता है। क्योंकि इसमें Lower Case और Upper Case वर्ड का मतलब अलग-अलग होता है, जैसा कि C प्रोग्रामिंग में होता है। उदहारण के तौर पर HTML में हम किसी भी शब्द को Uppercase और Lowercase दोनों में ही लिख सकते हैं।

Independent and Portable Language

C++ को एक Portable Language बोला जाता है। उदहारण के लिए हम समझने की कोशिश करते हैं कि अगर हमने Window Operating System में किसी Program को बनाया है और हम उसे Linux Operating System में Run कराना चाहते हैं तो यह काम आप C++ के पोर्टेबल लैंग्वेज के कारण बड़ी ही आसानी से कर सकते हैं।

Compiler Based Language

C++ को एक Compiler Based Language बोलै जाता है। क्योंकि यह, अन्य सभी प्रोग्रामिंग भाषाओं के मुकाबले काफी ज्यादा फ़ास्ट है। वहीं अगर Python, Java और CSS प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की बात की जाए तो यह सभी किसी प्रोग्राम को रन कराने में C++ की तुलना में काफी समय लेती हैं।

Fast Speed

C++ एक Compiler Based Language होने के कारण ही और सभी प्रोग्रामिंग भाषाओं की तुलना में काफी ज्यादा फ़ास्ट है। इसी कारण से सभी तरह के प्रोग्राम इसमें बहुत जल्दी load हो जाते हैं।

Rich Library

C++ आपको एक बहुत बड़ी लाइब्रेरी की सुविधा देता है। इस लाइब्रेरी में आपको functions का एक बहुत ही बड़ा कलैक्शन मिलता है। इन्हीं functions की सहायता से आप कई तरह के प्रोग्राम्स को बना सकते हैं, जैसे – Mathmetical Calculation, Error Checking, String Manipulations और Input/Out आदि।

C++ Language के उपयोग | Use of C++ Language in Hindi

  • C++ में आप Window Application और Client-Server Application दोनों को ही बना सकते हैं।
  • सभी देवीकेस के लिए Driver बनाने में भी C++ प्रोग्रामिंग को इस्तेमाल में लिया जाता है।
  • कई तरह के Hardware को ऑपरेट करने के लिए भी C++ द्वारा बनाए गए प्रोग्राम्स को उपयोग में लिया जाता है।
  • C++ का प्रयोग Operating System को बनाने में भी किया जाता है। कई सारे पॉपुलर ऑपरेटिंग सिस्टम को बनाने में भी C++ को उपयोग में लिया गया है, जैसे – Windows और Linux.
  • आप इंटरनेट चलाने के लिए जिन Web Browser का इस्तेमाल करते हैं। उन सभी के Rendering Engine का प्रोग्राम भी C++ में ही बनाया जाता है।
  • सभी तरह के Server को भी C++ में ही प्रोग्राम किया जाता है। क्योंकि C++ प्रोग्रामिंग काफी फ़ास्ट है।
  • कई तरह के Embedded Software System में C++ प्रोग्रामिंग का इस्तेमाल किया जाता है, जैसे – Smart Gagets, Medical Machine और Smart Watch आदि।

C++ Language कैसे सीखें | How to Learn C++ Language in Hindi

C++ Language को Online और Offline दोनों ही तरीकों से सीखा जा सकता है। इनमें से कई तरीके Free हैं, तो कई तरीकों के लिए पैसा देना होता है। C++ को सीखने के बाद अन्य सभी प्रोग्रामिंग भाषाओं को सीखने में बहुत ही आसानी होगी। C++ लैंग्वेज को निम्न तरीकों से सीखा जा सकता है –

  • Online Free Websites की मदद से सीखें
  • Online Course की मदद से सीखें
  • YouTube Channel की मदद से सीखें
  • किताबों के जरिए सीखें
  • Computer Institure के जरिए सीखें

Online Free Websites की मदद से सीखें

आज के समय में ऐसी बहुत सी websites मौजूद हैं जिनके जरिए आप बिना कोई पैसा दिए फ्री में C++ प्रोग्रामिंग का कोर्स सीख सकते हैं। इन्हीं में से कुछ वेबसाइट निम्न है –

http://www.javatpoint.com
http://www.tutorialspoint.com

Online Paid Course की मदद से सीखें

इंटरनेट पर कई साड़ी ऐसी websites हैं जो कि C++ का कोर्स ऑफर करती हैं। वह websites free और paid दोनों ही तरह की होती हैं। इन सभी websites का एक फायदा यह भी होता कि आप एक बार कोर्स करने के बाद भी कोर्स को repeat करना चाहते हैं तो वह आप बड़ी ही आसानी से कर सकते हैं। ऐसी ही कुछ websites निम्न हैं –

https://www.udemy.com
https://www.codecademy.com

YouTube Channel की मदद से सीखें

YouTube पर बहुत से ऐसे चैनल हैं जिन पर C++ को आप बिल्कुल free में सीख सकते हैं। इसके लिए आपको YouTube पर अच्छी तरह से रिसर्च करके उन चैनल्स को ढूंढ़ना होगा जिन पर high value कंटेंट मौजूद हो।

किताबों के जरिए C++ सीखें

अगर आप ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन C++ को सीखना चाहते हैं तो आप इन सभी Books के माध्यम से पढ़ सकते हैं। आप निम्न प्रकार की Books की सहायता से C++ के कोर्स को कर सकते हैं। यह सभी निम्न हैं –

  • C++ Template Metaprogramming
  • C++ Concurrency In Action
  • Effective Modern C++
  • C++ Primer (5th Edition)
  • Beginning C++ Programming
  • The C++ Programming Language (4th Edition)
  • Let Us C++
  • Modern C++ Design

Computer Institute के जरिए C++ सीखें

आज के समय में बहुत सारे Computer Institute मौजूद हैं जो कि सभी तरह की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सिखाते हैं। उनमें से से कुछ इंस्टिट्यूट काफी सस्ते तो कुछ काफी महंगे होते हैं। लेकिन आप अपनी सुविधा और बजट के अनुसार C++ के कोर्स को कर सकते हैं।

C++ Language सीखने के फायदे | What is benifits of Learn C++

अगर आप Coding और Software के फील्ड में अपना career बनाना चाहते हैं तो आपको C++ प्रोग्रामिंग की जानकारी होना जरूरी है क्योंकि C++ प्रोग्रामिंग को कोडिंग का बेस माना जाता है।

C++ में आप सभी तरह के प्रोग्राम बना सकते हैं जैसे – Window Application, Client-Server Application और Server.

इसे सीखने के बाद अन्य सभी प्रोग्रामिंग भाषाएँ सीखना बहुत ही आसान होता है।